EPFO से जुड़ी सेवाएं फ्री हैं निजी एजेंटों के झांसे में आकर अपने पैसे न गँवाए, ईपीएफओ ने जारी किया अलर्ट
डिजिटल इंडिया की तेज़ी से बढ़ती रफ्तार ने सरकारी सेवाओं को भी ऑनलाइन और आसान बना दिया है। इसी कड़ी में EPFO ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है, जिसमें सदस्यों को आगाह किया गया है कि वे EPFO से जुड़ी सेवाओं के लिए किसी भी अनधिकृत एजेंट, साइबर कैफे या फिनटेक कंपनी की मदद न लें।

EPFO: डिजिटल इंडिया की तेज़ी से बढ़ती रफ्तार ने सरकारी सेवाओं को भी ऑनलाइन और आसान बना दिया है। इसी कड़ी में EPFO ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है, जिसमें सदस्यों को आगाह किया गया है कि वे EPFO से जुड़ी सेवाओं के लिए किसी भी अनधिकृत एजेंट, साइबर कैफे या फिनटेक कंपनी की मदद न लें।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि कई मामलों में ये ऑपरेटर केवल ईपीएफओ के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का उपयोग करते हैं, जिसे कोई भी सदस्य अपने घर बैठे, नि:शुल्क, स्वयं कर सकता है। ईपीएफओ का कहना है कि उसकी सभी डिजिटल सेवाएं – जैसे दावे प्रस्तुत करना, खातों से पैसा निकालना, प्रोफाइल या केवाईसी अपडेट करना और शिकायत दर्ज करना – पूरी तरह से मुफ्त, सुरक्षित हैं और आपके घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
संगठन ने यह कदम हाल ही में सामने आए कई मामलों के बाद उठाया है जिसमें पता चला है कि कुछ निजी एजेंट इन मुफ्त सेवाओं के लिए लोगों से भारी शुल्क वसूल रहे हैं। इससे न केवल वित्तीय हानि होती है, बल्कि सदस्यों की गोपनीय जानकारी भी खतरे में पड़ जाती है। ईपीएफओ ने कहा कि सदस्यों को तीसरे पक्ष के एजेंटों या साइबर कैफे से पैसा नहीं निकालना चाहिए। इसलिए, ये सेवाएं ईपीएफओ पोर्टल और उमंग ऐप पर बिल्कुल मुफ्त प्रदान की जाती हैं।
ईपीएफओ ने सेवाओं को अधिक तीव्र, अधिक पारदर्शी और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए हाल के महीनों में कई सुधार किए हैं। इनमें केवाईसी सुधार और साधारण आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से सदस्य विवरण सुधार शामिल हैं। अब ज्यादातर मामलों में प्रोफाइल सुधार के लिए न तो नियोक्ता और न ही ईपीएफओ की मंजूरी की जरूरत होती है। दूसरी ओर, 1 लाख रुपये तक के अग्रिम दावों के लिए स्वचालित निपटान सुविधा शुरू की गई है, जो बीमारी, आवास, विवाह और शिक्षा जैसे मामलों में लागू है।

इस सुविधा के तहत 2024-25 तक कुल 2.34 करोड़ दावों का निपटान सीएआर मोड में किया जाएगा।श्रम मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफओ सदस्य सीपीजीआरएएमएस या ईपीएफआईजीएमएस पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इनका समाधान होने तक समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में ईपीएफआईजीएमएस को 16,01,202 शिकायतें और सीपीजीआरएएमएस को 1,74,328 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 98 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा समय सीमा के भीतर कर दिया गया। EPFO की सभी सेवाएं अब डिजिटल और मुफ्त में उपलब्ध हैं। ऐसे में निजी एजेंटों के झांसे में आकर अपने पैसों और निजी जानकारी को जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।











